खबरगुरू (रतलाम) 13 जून । ग्रीष्मावकाश के पश्चात विद्यार्थियों के स्कूल आने से पूर्व सान्दीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम में समस्त क्लासरूम प्रैक्टिसेज और सकारात्मक स्कूल कल्चर को बरकरार रखने हेतु संस्था स्तर पर शिक्षकों का रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित किया गया।इस प्रशिक्षण का उद्देश्य संस्था की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समावेशी स्कूल संस्कृति को निरंतर प्रोत्साहित करना था। संस्था के उपलब्ध सभी 29 शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण में सहभागिता की।


मॉर्निंग मीटिंग से लेकर STEM तक का अभ्यास
मॉर्निंग मीटिंग में स्टूडेंट्स की फीलिंग चेक करने से लेकर उत्सावर्धन के उपाय और तरीके सीखे गए।जिसमें माधुरी तलेरा,कविता वर्मा और हीना शाह ने “करके सीखो” के अंतर्गत उप प्राचार्य द्वारा लिखित चार रोल-प्ले के माध्यम से सत्र को डिज़ाइन किया। शिक्षक अजय मरमट ने दक्षता आधारीत अध्यापन, एफ एल एन में किस तरह से गतिविधियां होती है,सभी को अवगत कराया तथा प्रश्नोत्तरी की।

रोबोटिक्स में 4 समूहों में कार निर्माण,झूला निर्माण और उसमे बिंद्राक्षी पंवार और ज्योति मंडलोई ने स्टेम बेस्ड लर्निंग को कोडिंग के जरिये बताया।चारों समूहों ने क्रियात्मक मॉडल बनाये और प्रस्तुति दी।
स्कूल लीडर ट्रेनिंग की सीख साझा
हाल ही में भोपाल में आयोजित हुए स्कूल लीडर प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण बातें और तकनीक प्राचार्य संध्या वोरा और सरिता राजपुरोहित ने प्रस्तुत किये। लेसन प्लान और डिलीवरी के साथ कक्षा शिक्षण के विभिन्न अवयव, सकारात्मक स्कूल और कक्षा संस्कृति को उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने क्रियात्मक सत्र में सीखाया।
उक्त प्रशिक्षण की परिकल्पना और विषय-वस्तु का निर्माण उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने किया तथा प्रधान अध्यापक अनिल मिश्रा सहित समस्त स्टाफ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।


