खबरगुरु (भोपाल) 6 अक्टूबर। छिंदवाड़ा और बैतूल में जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ से 14 बच्चों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छिंदवाड़ा प्रकरण में सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार सजग और संवेदनशील है। सरकार मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैडियाट्रिक्स समेत चिकित्सकों के विभिन्न संगठनों और केमिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आवश्यक सावधानियां अपनाने और जागरूकता फैलाने के लिए कदम उठाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। छिंदवाड़ा प्रकरण में एक्शन लेते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इसमें औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद कुमार जैन, उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन शोभित कोस्टा को निलंबित किया है, जबकि ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य को स्थानांतरित किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो भी लोग जिम्मेदार हैं, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
घर-घर से रिकवर करें प्रतिबिंधत दवा
कोल्ड्रिफ सिरप के बेचने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही दुकानों में उपलब्ध स्टॉक जप्त किया जाए। जिन परिवारों ने यह दवा ली है, उनके घरों से दवा रिकवर करने के लिए सघन अभियान भी चलाया जाए। सीएम मोहन यादव ने कहा राज्य सरकार सजग और संवेदनशील है, मानव सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।


