खबरगुरु (मुंबई) 31 जुलाई। महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट मामले में गुरुवार को NIA कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सातों आरोपियों को बरी कर दिया है। 17 साल बाद एनआईए की विशेष अदालत गुरुवार को फैसला सुनाया। इस मामले में 3 जांच एजेंसियां और 4 जज बदल चुके हैं। इससे पहले 8 मई 2025 को फैसला आने वाला था, लेकिन बाद में इसे 31 जुलाई तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।
जज एके लाहोटी ने कहा कि ये साबित नहीं हुआ कि जिस बाइक में ब्लास्ट हुआ वो साध्वी प्रज्ञा के नाम थी। ये भी साबित नहीं हो सका कि कर्नल प्रसाद पुरोहित ने बम बनाया। साजिश का कोई एंगल साबित नहीं हुआ। एनआईए की कोर्ट ने एजेंसी की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि धमाके के बाद फिंगरप्रिंट नहीं लिए गए। बाइक का चेसिस नंबर तक रिकवर नहीं किया गया, जिससे यह सिद्ध ही नहीं हो सका कि साध्वी प्रज्ञा ही बाइक की मालिक थीं।
एनआईए कोर्ट ने मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित और अन्य सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। 29 सितंबर, 2008 को नासिक के मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल पर बंधे विस्फोटक उपकरण में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 100 लोग जख्मी हुए थे।


