खबरगुरू (रतलाम) 27 फरवरी। रतलाम में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 1600 लीटर घी जब्त किया है। टीम ने सैंपल जांच के लिए भेजने की तैयारी की है। जब्त घी की कीमत लाखों रूपए बताई जा रही है। पूर्व भी कई बड़े ठिकानों पर भारी मात्रा में नकली देसी घी बनाने वाले काले कारोबार का खुलासा हुआ है, लेकिन मिलावटखोर बाज नहीं आते और त्योहारों के मौके पर विशेष तौर से सक्रिय हो जाते हैं। अब ऐसे मिलावट खोरों पर विभाग की पैनी नजर है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश गुप्ता ने बताया कि सूचना मिली थी कि ग्लोबल सिटी में नकली घी का व्यापार होता है। सूचना पर शुक्रवार दोपहर टीम ने दबिश दी । कार्रवाई में पता चला विक्रांत त्यागी मकान में महाकाल ट्रेडर्स नामक संस्था चलाता है। दो कंपनियों के ब्रांड वाले घी के बड़ी संख्या में पैकेट मिले है। जब्त किया गया घी प्रथम दृष्टया नकली एवं मिलावटी प्रतीत होता है । टीम ने पंचनामा बनाया और उसमें से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने की तैयारी की है। यह घी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में रजिस्टर्ड कंपनी द्वारा बनाया गया है। करीब 3 घंटे से ज्यादा समय तक चली कार्रवाई के दौरान सभी ब्रांड के नमूने अलग-अलग पैकेट के लेकर सीलबंद कर जांच के लिए भेजने की तैयारी की है।
350 से 400 रुपए लीटर में बेचा जा रहा था

दोनों कंपनी मुजफ्फरनगर में ही रजिस्टर्ड है, जिसमें मदर बेस्ट और यूपी फ्रेश शामिल है। इसमें यूपी फ्रेश कंपनी के प्रोडक्ट पर तो खाद्य पदार्थ का नाम भी नहीं लिखा है। मदर बेस्ट प्रीमियम देसी घी 350 से 400 रुपए लीटर में बेचा जा रहा था। 15 लीटर की पैकिंग 6000 रुपए में बेची जा रही थी। महाकाल ट्रेडर्स द्वारा ट्रेडिंग और मार्केटिंग का कार्य किया जा रहा था। यह सभी रतलाम और आसपास के क्षेत्रों में छोटी दुकानों पर सप्लाई करते थे।
मदर बेस्ट कंपनी की 1 लीटर की 11 पेटी (165 नग), 500 एमएल की 12 पेटी(360 नग), 1 लीटर जार तीन पेटी (45 नग), 500 एमएल की 15 पेटी (450 नग), 15 लीटर टीन 180 और यूपी फ्रेश की 1 लीटर 13 पेटी (195 नग), 500 एमएल 14 पेटी (210 नग), 200 एमएल की 11 पेटी (825 नग) एवं 15 लीटर 10 नग शामिल है। दोनो कंपनियों के कुल 1600 लीटर घी का जब्त किया है।


