खबरगुरु (रतलाम) 30 नवंबर। अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतरीन संचालन के लिए पूरे अंचल में प्रसिद्ध रतलाम पब्लिक स्कूल प्रतिभा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य करता आ रहा है। शिक्षा के व्यापारिकरण को रोकने के लिए प्रतिवर्ष बच्चों के सिलेबस की पुस्तकें जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 5000 से 7000 हजार रुपये होती है उसे प्रतिवर्ष विद्यार्थियों को निःशुल्क वितरित कर एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। और भारत सरकार तथा प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समाज को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। रतलाम पब्लिक स्कूल द्वारा इस वर्ष अपनी संस्थापिका स्व. श्रीमती नीलम शर्मा की द्वितीय पुण्यतिथि पर विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा निःशुल्क पाठ्यक्रम लागू किया है जिसमें स्कूली पाठ्यक्रम के साथ साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों के साथ साथ ऐसे विशिष्ट ग्रुप द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है जिन्हें BANSAL, FIITJEE, ALLEN, UNACADEMY जैसी संस्थाओं में 21 वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है।

मजबूत ग्लोबल एलुमनाई नेटवर्क का लाभ दिया जाएगा
संस्था निदेशक व प्राचार्य डॉ. संयोगिता सिंह ने बताया कि संस्था का उद्देश्य हमेशा से बच्चों के लिए कुछ नया करने का रहता है। शहर की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत स्कूल द्वारा 35 देशों में ABROAD STUDY के लिए विश्वस्तरीय मार्गदर्शन, यूनिवर्सिटी शॉर्टलिस्टिंग, डॉक्युमेंटेशन, आवेदन सहायता, स्कॉलरशिप, वीज़ा सपोर्ट और एक मजबूत ग्लोबल एलुमनाई नेटवर्क का लाभ दिया जाएगा।

सत्र 2025-26 में बच्चों को ट्यूशन फीस में 21 लाख रुपए की छात्रवृत्ति
रतलाम पब्लिक स्कूल ने विगत सत्रों की तरह सत्र 2025-26 में भी कक्षा नर्सरी से 11वीं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को ट्यूशन फीस में 100%, 75% व 50% की छात्रवृत्त्ति प्रदान कर कुल 21 लाख रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की है। इस छात्रवृत्त्ति का उद्देश्य समाज की होनहार प्रतिभाओं व शिक्षा के स्तर को आगे बढ़ाना है।


