खबरगुरु (नई दिल्ली) 5 दिसंबर। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच गए हैं। उनके साथ 7 मंत्रियों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आया है। पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर पुतिन को गले लगाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। इस दौरान रक्षा सहयोग, व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखने और छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टरों पर साझेदारी जैसे मुद्दे प्रमुख फोकस में रहेंगे। यह दौरा भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है। अक्टूबर 2000 में शुरू हुई यह साझेदारी दिसंबर 2010 में अपग्रेड होकर ‘स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ बनी थी।
राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी साथ होगा और इसमें 7 मंत्री शामिल है। डेलीगेशन में शामिल मंत्रीयों की बात करें तो इसमें रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोउसॉफ, वित्त मंत्री एंतोन सिलुआनोव, कृषि मंत्री ऑक्साना लूट, आर्थिक विकास मंत्री मक्सिम रेशेत्निकोव और स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को शामिल है।
सुबह 11 बजे हैदराबाद हाउस में भारत-रूस की 23वीं सालाना समिट होगी। मोदी और पुतिन आज शाम बिजनेस फोरम को भी संबोधित करेंगे। रात में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में स्टेट डिनर देंगी।


