खबरगुरु (भोपाल) 1 अक्टूबर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्रदेश के 10 निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर की श्रेणी में शामिल किया है। जानकारी छुपाने और शिक्षण कार्य को लेकर पारदर्शिता में लापरवाही बरतने पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सख्त रुख अपनाया है। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि निजी विश्वविद्यालयों को तय फार्मेट में प्रमाणित दस्तावेज समय-सीमा के भीतर जमा करने थे, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कई विश्वविद्यालयों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से 18 राज्यों के 54 प्राइवेट विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित किया गया जिसमें मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 10 विश्वविद्यालय डिफॉल्टर घोषित किए गए। इस लिस्ट में गुजरात के आठ सिक्किम के पांच और उत्तराखंड के चार विश्वविद्यालय डिफॉल्टर लिस्ट में शामिल है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों की आधिकारिक वेबसाइटों की जांच की। पाया गया कि कई विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट को समय पर अपडेट नहीं कर रहे हैं।
एमपी के ये विश्वविद्यालय डिफॉल्टर लिस्ट में शामिल
- अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, मध्य प्रदेश
- आर्यावर्त यूनिवर्सिटी, सीहोर
- डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी, शिवपुरी
- ज्ञानवीर विश्वविद्यालय, सागर
- जेएनसीटी प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भोपाल
- एलएनसीटी विद्यापीठ विवि, इंदौर
- महाकौशल यूनिवर्सिटी, जबलपुर
- महर्षि महेश योगी वैदिक विवि, जबलपुर
- मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सीहोर
- शुभम यूनिवर्सिटी, भोपाल
गुजरात की आठ यूनिवर्सिटी
- गांधीनगर यूनिवर्सिटी
- जेजी यूनिवर्सिटी
- केएन यूनिवर्सिटी
- एमके यूनिवर्सिटी
- प्लास्टइंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी
- सुरेन्द्रनगर यूनिवर्सिटी
- टीम लीज स्किल्स यूनिवर्सिटी
- ट्रांसस्टेडिया यूनिवर्सिटी
सिक्किम की पांच यूनिवर्सिटी
- मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी
- सिक्किम अल्पाइन यूनिवर्सिटी
- सिक्किम ग्लोबल टेक्निकल यूनिवर्सिटी
- सिक्किम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी
- सिक्किम स्किल यूनिवर्सिटी
उत्तराखंड की चार यूनिवर्सिटी
- माया देवी यूनिवर्सिटी
- माइंड पावर यूनिवर्सिटी
- श्रीमती मंजीरा देवी यूनिवर्सिटी
- सूरजमल यूनिवर्सिटी


