खबरगुरू (रतलाम) 20 जून। रतलाम की धारा पर एमएसएमई का बड़ा आयोजन राइज (रीजनल इण्डस्ट्री स्किल एंड इम्प्लोयमेंट) कॉन्क्लेव 27 जून को होने जा रहा है। एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने कार्यक्रम की तैयारी को लेकर अधिकारियों से वन टू वन चर्चा कर निर्देश दिए। राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आ रहे है। जिसको लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयारी में जुटा है। शुक्रवार को एमएसएमई मंत्री चेतन काश्यप ने अधिकारियों से वन टू वन चर्चा कर दिशा निर्देश दिए। कॉनक्लेव के संबंध में मंत्री चेतन काश्यप ने कलेक्टर राजेश बाथम, एसपी अमित सिंह, एमपीआईडीसी के निदेशक राजेश राठौड़ , एडीएम डॉ शालिनी श्रीवास्तव, एसडीएम शहर एवं प्रभारी कमिश्नर नगर निगम रतलाम अनिल भाना को कॉनक्लेव के सफल आयोजन के संबंध में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अम्बेडकर ग्राउण्ड में होने वाली पार्किग व्यवस्था की जानकारी ली एवं मुख्यमंत्री के आगमन के समय यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के द्वारा उद्योगपतियों /निवेशकों से तीन सेशन में अलग-अलग वन टू वन चर्चा की जाएगी इसके लिए सभी आवश्यक व्यस्थाए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हितग्राहियों/लाभार्थियों को ऋण वितरण/हितलाभ वितरण की तैयारी पूर्व से रखे। सफल उद्योगपतियों से भी मुख्यमंत्री जी के द्वारा संवाद किया जाएगा इसके लिए हितग्राहियों की सूची तैयार कर ले।
2 हजार 500 से अधिक प्रतिभागी होंगे शामिल
कॉन्क्लेव में लगभग 2 हजार 500 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। ‘राइज़’ कॉन्क्लेव में 1 लाख से अधिक हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिये एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के ऋण वितरित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 500 से अधिक युवा लाभार्थियों को जॉब ऑफर लेटर सौंपेंगे। सम्मेलन औद्योगिक विकास के लिए भी एक ऐतिहासिक अवसर होगा।
प्रदेश में उद्योग, कौशल विकास और रोजगार क्षेत्रों में एकीकृत विकास को मिलेगा बढ़ावा
“सफल उद्यमी, समृद्ध उद्योग, समावेशी विकास” की थीम पर राइज (रीजनल इण्डस्ट्री स्किल एंड इम्प्लोयमेंट) कॉन्क्लेव का आयोजन रतलाम में किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हो रहे इस वृहद आयोजन का उद्देश्य राज्य में उद्योग, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में समन्वित विकास को प्रोत्साहन देना है। पूरे प्रदेश में उद्योग, कौशल विकास और रोजगार क्षेत्रों में एकीकृत विकास को बढ़ावा मिलेगा।


