खबरगुरु (रतलाम) 24 जुलाई। रतलाम नगर निगम द्वारा ठेले पर व्यापार करने वालों से की जा रही वसूली, बदसलूकी के विरोध में पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी नगर निगम पहुंचे। प्रभारी कमिश्नर अनिल भाना से मुलाकात कर वसूली बंद करने की बात रखी। पूर्व गृह मंत्री दर्जनों ठेला व्यवसायियों के साथ नगर निगम पहुंचे थे उस दौरान प्रभारी कमिश्नर अनिल भाना निरीक्षण पर गए थे। 55 मिनट इंतजार करने के बाद नगर निगम अनिल भाना निगम ऑफिस पहुंचे तब पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी ने चर्चा कर ठेले पर व्यापार करने वालो की समस्याएं बताई।


वसूली कर्मचारियों द्वारा मनमर्जी से रसीद काटने का भी आरोप लगाया
गुरुवार दोपहर पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी ठेले पर व्यापार करने वाले दर्जनों लोगों के साथ नगर निगम पहुंचे थे। वह नगर निगम द्वारा ठेले व्यवसायियों से बाजार वसूली शुल्क का विरोध करने नगर निगम आए थे। कोठारी ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई घोषणा को याद दिलाया और कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक मंच पर घोषणा करते हुए ठेला व्यवसायियों से शुल्क वसूली बंद की थी। उस दौरान महापौर की उम्मीदवारी कर रहे प्रहलाद पटेल और विधायक के साथ में स्वयं भी मंच पर उपस्थित था। कोठारी ने कहा के जो गरीब ठेले पर बैठकर व्यापार कर रहे हैं और रोज 200 या 300 रुपए कमाते हैं उनसे₹100 भी वसूलना ठीक नहीं है। उन्होंने नगर निगम द्वारा भेजे गए वसूली कर्मचारियों द्वारा मनमर्जी से रसीद काटने का भी आरोप लगाया।
वसूली फिर से शुरू करना चाहता है तो पहले उन्हें मुख्यमंत्री जी से इजाजत लेनी चाहिए – हिम्मत कोठारी
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक मंच पर घोषणा करते हुए ठेला व्यवसायियों से शुल्क वसूली बंद की थी। नगर निगम अगर वसूली फिर से शुरू करना चाहता है तो पहले उन्हें मुख्यमंत्री जी से इजाजत लेनी चाहिए। रोड पर बैठकर सब्जी बेचने वालों की हालत में जानता हूं। उनमें महिलाएं भी है जो चार-पांच किलोमीटर दूर से चलकर आती है। ये 200 – 400 रुपए की सब्जी लेकर आती है। वह क्या कमा लेंगे। इन गरीब तबके के लोगों से बाजार वसूली शुल्क वसूलना ठीक नहीं है। नगर निगम के पास आमदनी बढ़ाने के और भी तरीके हैं।
कर्मचारी गरीब ठेला व्यवसायियों से करते हैं बदसूलकी
पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी ने नाराज होकर नगर निगम के प्रभारी कमिश्नर अनिल भाना को कहा कि महापौर परिषद को बता दीजिए। साथ ही नगर निगम के कर्मचारी गरीब ठेला व्यवसायियों से बदसूलकी की भी करते हैं इस तरह का काम हम सहन नहीं करेंगे, अगर बात नहीं मानी गई तो आगे और भी कदम हम उठाएंगे। दादागिरी और तानाशाही नहीं चलेगी। गरीब लोग ठेले पर व्यवसाय कर अपने परिवार को पाल रहे हैं और उनसे बाजार वसूली शुल्क वसूलना ठीक नहीं है।
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