खबरगुरु (रतलाम) 30 जुलाई। 15 अगस्त और आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत रेलवे स्टेशन और ट्रेनों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत संदिग्ध लोगों के बैगों की तलाशी ली जा रही है। जीआरपी थाना रतलाम की टीम द्वारा प्लेटफार्म एवं उसके आसपास के क्षेत्र में गश्त की जा रही थी। उसी दौरान पुलिस ने दो व्यक्ति को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में अवैध धारदार हथियार बरामद किए है।

मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कार्रवाई
सहायक उप निरीक्षक नौशाद खान को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि प्लेटफार्म क्रमांक 04 स्थित प्रीमियम पार्किंग में एक संदिग्ध सरदार युवक हथियारों से भरा झोला लिए खड़ा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षक मोतीराम चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और बताए गए हुलिए के व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम जसप्रीत सिंह पिता स्व. अंग्रेज सिंह, उम्र 20 वर्ष, निवासी माड़ी कम्बोक, जिला तरनतारन, थाना खालड़ा (पंजाब) बताया। जब उसके पास मौजूद झोले की तलाशी ली गई, तो पुलिस को भारी मात्रा में अवैध धारदार हथियार बरामद हुएः 25 नग खटकेदार चाकू, 07 नग धारदार तलवारें (म्यान सहित), 05 नग धारदार गुप्ती (काले कवर में पैक), 06 नग लोहे एवं बीड़ के पंच जब्त संप्तति की कुल कीमत लगभग ₹25,300 आँकी गई है। मामले में थाना जीआरपी रतलाम में अपराध क्रमांक 200/2025, धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।
विवेचना के दौरान आरोपी जसप्रीत सिंह ने बताया कि वह ये सभी हथियार अमृतसर से खरीदकर बलदेव सिंह पिता गुरुवचन सिंह, उम्र 38 वर्ष, निवासी माड़ी कम्बोक, तरनतारन (पंजाब) को देने आया था, जो रतलाम में अस्थाई तौर पर जूते-चप्पल की दुकान लगाता है। आरोपी की निशानदेही पर बलदेव सिंह को भी गिरफ्तार किया गया, जिसने स्वीकार किया कि वह यह हथियार पंजाब से सस्ते दामों में मंगवाकर रतलाम में ऊँचे दामों पर बेचता था।
गिरफ्तार आरोपी
1. जसप्रीत सिंह पिता स्व. अंग्रेज सिंह (उम्र 20 वर्ष)
2. बलदेव सिंह पिता गुरुवचन सिंह (उम्र 38 वर्ष)
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने में निरीक्षक मोतीराम चौधरी, सउनि पंचम सिंह, सउनि नौशाद खान, प्र.आर. रईस खान, प्र.आर. नाहर सिंह, आर. अंकित शेखावत, आर. पुष्पेन्द्र सिंह एवं आर. धर्मेन्द्र कुशवाह की विशेष भूमिका रही। रेलवे पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई आगामी त्योहारों और राष्ट्रीय पर्व को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।


