♦️ ग्रामीण क्षेत्र की न्यायिक व्यवस्था में तकनीक का समावेश करते हुए कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम न्यायालय को हाईटेक बनाया गया है
♦️ अधिवक्ताओं को प्रतिदिन की काज लिस्ट व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है, न्यायालयीन कार्यों में पारदर्शिता और सुगमता आई
खबरगुरू (रतलाम) 5 जून । प्रशासनिक नवाचार और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देश पर ग्रामीण एसडीएम न्यायालय में एक अभिनव पहल शुरू की गई है। अब अधिवक्ताओं को प्रतिदिन की काज लिस्ट व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इससे न केवल अधिवक्ताओं को सुविधा मिल रही है, बल्कि न्यायालयीन कार्यवाही भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हो रही है। नवाचार के तहत न्यायालय में प्रस्तुत होने वाले प्रकरणों की दैनिक सूची सुबह ही अधिवक्ताओं के मोबाइल पर पहुंच जाती है। इससे वकीलों को यह जानकारी पहले से मिल जाती है कि उनका प्रकरण किस समय सुनवाई के लिए निर्धारित है। परिणामस्वरूप उन्हें पूरे दिन न्यायालय परिसर में इंतजार नहीं करना पड़ता और उनके समय की बचत होती है।
पहले अधिवक्ताओं को काज लिस्ट देखने के लिए न्यायालय पहुंचना पड़ता था तथा कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वे अपने समय का बेहतर प्रबंधन कर पा रहे हैं। अधिवक्ताओं को अनावश्यक प्रतीक्षा से राहत मिली है और न्यायालयीन कार्यों में भी गति आई है।

स्थानीय स्तर पर यह नवाचार ग्रामीण क्षेत्र में ई-गवर्नेंस और सुशासन की दिशा में एक अभिनव पहल है, जो आमजन को त्वरित और बेहतर न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा।
ग्रामीण एसडीएम न्यायालय से जुड़ी यह पहल अब अन्य कार्यालयों और न्यायालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है। अधिवक्ताओं ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि व्हाट्सएप पर समय से काज लिस्ट मिलने से उनकी कार्यक्षमता बढ़ी है और न्यायालय में अनावश्यक समय व्यतीत करने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है।


